प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चौथा राष्ट्रीय संबोधन | आज रात आठ बजे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चौथा राष्ट्रीय संबोधन बड़ी बातें | Latest National Speech of PM Narendra Modi amid Covid-19 Corona Lockdown |

                                     

                              भा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चौथा राष्ट्रीय संबोधन

                                   
                                          Picture credit goes to- Indiatoday.in 

                                              राष्ट्रीय सम्भोधन की बड़ी बातें 
  • प्रधानमंत्री जी ने सबसे पहले सभी देशवासियों  को नमस्कार किया |  
  • कोरोना संक्रमण  से दुनिया चार महीने से जूझ रही है |  42  लाख से ज्यादा  कोरोना संक्रमण केस पूरे विश्व में  हो गए हैं , पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मृत्यु हो गयी है | भारत में भी कई लोगों की दुखद मृत्यु कोरोना से हुई, कइयों अपने स्वजन खोये हैं इस आपदा में  | 
  • प्रधानमंत्री ने सभी  के लिए अपनी संवेदनायें प्रकट की | उन्होंने ये भी कहा एक वायरस ने दुनिया को तहस नहस कर दिया है | विश्व भर में करोड़ों जिंदगियाँ संकट का  सामना कर रही हैं | सारी दुनिया जिन्दगी बचाने के लिए जंग में जुटी हैं | हमने ऐसा संकट न देखा, न सुना है कभी , लेकिन  ये संकट मानव जाती के लिए अकल्पनीय है | ये Crisis अभूतपूर्व है | 
  • लेकिन हमें थकना , हारना , टूटना ,विखरना हम मानव को मंजूर नहीं हैं, इस प्रकार प्रधानमंत्री ने देशवासियों को प्रेरित किया | सतर्क रहते हुए ऐसी जंग के साथ सभी नियमों का पालन करते हुए बचना भी है आगे बढ़ना  भी है | 
  • इस अभूतपूर्व सम्बोधन में मोदी ने " हमें बचना भी है आगे भड़ना भी है " का मंत्र दिया | 
  • और कहा इस संकट में हम सभी को अपना संकल्प ओर मजबूत करना होगा | हमें अपना संकल्प इस संकट से और विराट करना होगा | 
  • 21 वीं सदी भारत की है, ऐसा हम सब कई समय पहले से सुनते आये हैं | हमें कोरोना से पहले दुनिया को , वैश्विक व्यवस्था को देखने समझने का मौका मिला है | इस संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही है उसे हम निरंतर देख रहे हैं | जब हम इन दोनों  कालखंड को भारत  नजरिये से देखते  हैं  तो लगता  है २१ वि सदी भारत की ये हमारा सपना ही नहीं अपितु संकल्प, जिम्मेदारी भी है | यहां मोदीजी ने २१ वीं सदी को भारत की सदी बनाने की बात कही | 
  • मोदीजी ने बताया कैसे ये 21 वि सदी भारत की सदी होगी, उन्होंने इसका एकमात्र रास्ता बताया " आत्मनिर्भर भारत "  
  •  ये ही बात हमारे शास्त्रों में कही गयी है की "आत्मनिर्भर भारत " एक मात्र  रास्ता है
  • यहां  " आत्मनिर्भर भारत " का मतलब मेक इन इंडिया  Make in India है  | 
  • आज हम एक राष्ट्र के रूप में  बहुत अहम मोड़ पर खड़े है ,  इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत लेकर आयी है, एक संदेश और एक अवसर भी लेकर आयी है | 
  • भारत में पहले न मात्र PPE (Personal protection kit) किट और N95 मास्क बनाये जाते थे, लेकिन आज हर रोज भारत में 2 लाख PPE और N95 मास्क बनाए जा रहे हैं | ये हम इसलिए कर पाए क्यूंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया |   
  • आपदा को अवसर में बदलना आत्मनिर्भर भारत के लिए महतवपूर्ण कड़ी है | आज विश्व को भारत में आशा की किरण नजर आ रही है मानव कल्याण के लिए | साथ ही साथ मोदीजी ने अपनी भारतीय संस्कृति से परिचय कराया  | भारत के किये गये सभी अच्छे कामों का विश्व के जन प्रभाव कल्याण पर पड़ता है  |      
  •  अप्रत्यक्ष रूप से प्रधानमंत्री जी स्वदेशी प्रोडक्ट्स  को अपना ने के लिए आग्रह किया देशवासियों से जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को लगे गहरे जख्म  जल्द से जल्द भर दिए जाएं | अप्रत्यक्ष रूप से चाइना को भी टारगेट किया जैसे की  स्वदेशी और मेक इन इंडिया पर जोर देंगे तो चीन के बने सामान की भारत वासियों को जरुरत ही नहीं पड़ेगी | 
  • जिंदगी मौत  से लड़ रही दुनिया को भारत की दवाई से आशा मिल रही है , इन अच्छे और ऐतहासिक कदमो से दुनिया भर में भारत की खूब प्रशंसा हो रही है | 
  • आज हर भारतीय को गर्व होना चाहिए  आपने आप पर ,दुनिया को विश्वास होने लगा है भारत बहुत अच्छा कर सकता है | मानव जाती के कल्याण के लिए भारत बहुत कुछ दे सकता है | आखिर ये सब कैसे होगा ? तो इसके उत्तर में प्रधान मंत्री जी बताया 130 करोड़ भारतवासियों को आत्मनिर्भर का संकल्प होगा | 
  • प्रधानमंत्री ने भारत के इतिहास के बारे  में भी बताया कि भारत जब समृद्ध था " सोने के चिड़िया " कहा जाता था , संपन्न था तब सदा विश्व के कल्याण की राह पर ही चला , वक्त बदल गया देश गुलामी की जंजीर में जकड गया , हम विकास के लिए तरसते रहे लेकिन आज फिर भारत विकास की ओर सफलता की और बढ़ रहा   भारत तब भी विश्व के कल्याण की राह पर चल रहा है,   

  • इस  शताब्दी की शुरुआत के समय Y2K संकट  आया तब भारत के technology experts ने दुनिया को उस संकट से  निकाला था | 
  • आज हमारे पास शाधन है , सामर्थ्य है , हमारे पास दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है , इन सबका इस्तेमाल कर हम विश्व प्रोडक्ट्स बनाएंगे, अपनी quality  बेहतर करेंगे , Supply Chain को और आधुनिक बनाएंगे , ये हम कर सकते है ओर जरूर करेंगे ओर करके दिखाएंगे इसी द्रंढ विश्वास से हम आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा करेंगे | 
  • अपने सम्बोधन मोदीजी ने कच्छ भूकंप संकट के बारे में भी जिक्र किया, कहा पूरा का पूरा कच्छ बर्बाद हो गया हर तरफ मलवा ही मलवा ऐसा लग रहा था कि पूरा का पूरा कच्छ मौत की चादर ओड कर सो गया हो | उस त्रासदी को देख कोई सोच नहीं सकता था की कच्छ फिर उठ खड़ा होगा लेकिन हम भारतियों की संकल्प शक्ति से कच्छ फिर उठा और आगे बढ़ा और निरंतर विकास होता चला गया सिर्फ और सिर्फ हमारी संकल्प शक्ति के कारण ,
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  • " हम ठान लें तो कोई लक्ष्य अशंभव  नहीं , कोई राह मुश्किल नहीं ", और आज तो चाह भी है और राह भी है | 
  • हमारी दृंढ संकल्प शक्ति से हम सब को मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाना है |  
  • आत्मनिर्भर भारत की ईमारत के पांच स्तंभ (Pillar ) होंगे - 1. Economy अर्थव्यवस्था , 2. Insfrastructure आधारिक संरचना, 3. System, 4. Demography, 5. Demand.  
  • आपूर्ति की व्यवस्था को हम मजबूत करेंगे जिसमे "देश की मिट्टी की महक हो , मजदूर के पसीने की खुशबू हो ",   
  • प्रधानमंत्री जी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का  ऐलान किया |
  • ये पैकेज आत्मनिर्भर भारत की महत्वपूर्ण कड़ी है | ये पैकेज भारत की GDP का 10% है  \
  • पैकेज में लैंड, लेबर , श्रमिक, मिड्ल क्लास परिवार , उद्योग जगत, MSME ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises ), किसान इत्यादि को इसमें शामिल किया गया है | 
  • वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण कल १३ मई को आर्थिक राहत पैकेज  को विष्तार से जानकारी  बताएंगी |  
  • बीते 6 वर्षों के रिफॉर्म्स के कारण आज हम अच्छे से इस संकट से लड़ रहे है | 
  •  रिफॉर्म्स और मेक इन इंडिया पर और अच्छे से काम करने की बात की | 
  • ये संकट इतना बड़ा है की बड़ी से बड़ी व्यवस्था हिल गयीं | कई देशवासियों ने बहुत संकट झेला है कड़ी तपस्या की इस कोरोना संकट में | संकट के समय में लोकल मार्किट ने ही हमारा साथ दिया है | 
  • समय ने शिखा दिया है की लोकल को हमें अपना जीवन मंत्र बनाना ही होगा, ग्लोबल ब्रांड्स भी पहले लोकल ही थे , इसलिए आज से हर भारत वासियों को लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने है और उनका जोर शोर से प्रचार भी करना है | 
  • खादी और हैंडलूम के बारे में भी बात की कैसे भारतवासियों ने खादी को अपनाया और ग्लोबल ब्रांड बनाया | 
  • Lockdown 4.0 लगाया जायेगा लेकिन तीनो lokdown से अलग होगा | हमे अब कोरोना के साथ साथ ही जीना सीखना होगा जिसके लिए मास्क MASK, दो गज की दूरी का ध्यान रखना होगा | 
  • अंत में कहा - २१वीं सदी भारत की सदी बनाने का प्रण, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से ही पूरा होगा, प्राण शक्ति से ही ऊर्जा मिलेगी, आत्मनिर्भर भारत का युग अब नूतन प्रण और नूतन पर्व होगा,  नई प्राण शक्ति ,नई संकल्प शक्ति को लेकर आगे बढ़ना पड़ेगा, जब आचार विचार कर्तव्य भाव से सराभोर हों , कर्मण्डता की पराकष्ठा हो कौशल्य की पूंजी हो तो आत्मनिर्भर भारत बनने से कोन रोक सकता है | हम भारत को आत्मनिर्भर बना सकते हैं , हम भारत को आत्मनिर्भर बना कर रहेंगे | 
  • अंत में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प और विश्वास के साथ धन्यवाद किया और सबके मंगल स्वस्थ की कामना की | और दो गज दूरी बनाये रखने को कहा | 
  • Lockdown 4.0 की जानकारी 18-मई-2020 से पहले दे दी जाएगी | 

इस पूरे मंगल सन्देश, चौथा राष्ट्रीय सम्बोधन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का फोकस आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया , स्वदेशी अपनाओ पर ज्यादा रहा | 
ये चौथा राष्ट्रीय सम्बोधन लगभग 33 मिनट्स Minutes का था | 
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों से आग्रह किया है की संकल्प  लें सभी देशवासी के भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे | 
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लेखक 
ऋषी श्रीवास्तव 
 

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